दानापुर। एक चिकित्सक
दम्पति
ने
लगातार
दूसरे
माह
भी
बच्चों
को
पोलियो
की
खुराक
दिलवाने
से
इंकार
कर
दिया।
इंकार
तुड़वाने
स्वास्थ्य
विभाग
और
यूनिसेफ
के
अधिकारी
पहुंचे।
उन
दोनों
अधिकारियों
ने
इंकार
करने
वाले
चिकित्सक
दम्पति
से
काफी
चिरौली
किए।
तब
भी
चिकित्सक
दम्पति
टस
से
मस
नहीं
हुए।
आखिरकार
ने
चिकित्सकों
के
जिद्द
के
आगे
बच्चों
को
पोलियो
की
खुराक
नहीं
दी
सकी।
इस
तरह
' कोई
मइया
रूठे
नहीं
और
कोई
बच्चा
छूटे
नहीं '
नारा
सफल
नहीं
हो
सका।
अर्पणा
बैंक
कॉलोनी ,
फेज - 2 In the
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it.
महज चिकित्सक होने
के
नाते
ही
बच्चों
को
पोलियो
की
खुराक
नहीं
दिलवायी।तब
यह
साबित
होता
है
कि
बच्चों
को
पोलियो
की
खुराक
दिलवाने
वाले
अनपढ़
हैं।
जो
काफी
दिनों
से
नियमित
बच्चों
को
खुराक
दिलवाने
में
नहीं
हाथ
खिंच
रहे
हैं।
उनके
सहयोग
से
देश
पोलियो
फ्री
हो
सका
है।
मगर
ऐसे
लोगों
के
कारण
पोलियो
पुुनः
देश
में
दस्तक
देना
शुरू
न
कर
दें।
अभी
खबर
है
कि
सीरिया
में
पोलियो
ने
सिर
उठा
लिया
है।
हे !
भगवान
देश
में
पोलियो
को
नहीं
आने
देना।
एक तरफ पाकिस्तान , अफगानिस्तान , नाइजीरिया , इथोपिया , केन्या ,
सोमालिया
व
सीरिया
जैसे
देशों
में
जानेवाले
लोगों
को
पोलियो
वैक्सीन
लेना
अनिवार्य
कर
दिया
गया
है।
अस्पताल
द्वारा
जारी
प्रमाणपत्र
पर
ही
वीजा
मिलेगा।
यह
भी
ज्ञात
हुआ
है
कि
राजधानी
के
चार
इलाकों
में
रहने
वाले
लोगों
ने
अपने
बच्चों
को
पोलियोरोधी
खुराक
पिलाने
से
मना
कर
दिया
है।
लोगों
ने
बताया
कि
खुराक
निजी
संस्थानों
में
पिला
चुके
हैं।
ऐसा
कहकर
न
पिलाने
वालों
को
पोलियोरोधी
खुराक
पिलाने
वाले
इंकार
की
श्रेणी
में
डाल
देते
हैं।
इसकी सूचना वरीय अधिकारियों को देते
हैं।
एक
टीम
आती
है
जो
इंकार
करने
वाले
व्यक्ति
को
समझा
बुझाकर
इंकार
तुड़वाते
हैं।।
आज
एक
टीम
दानापुर
प्राथमिक
स्वास्थ्य
केन्द्र
से
आकर
इंकार
करने
वाले
के
घर
गए।
राम
जयपाल
रोड
से
होकर
अर्पणा
बैंक
कॉलोनी ,
फैज - 2 में
रहने
वाले
डा .
के . के . सिंह
ने
2 बच्चों
को
पोलियो
की
खुराक
नहीं
दिलवायी।
चिकित्सक
ने
जनवरी
2014 और
अब
फरवरी
माह
में
भी
इंकार
कर
दिया
है।
इंकार
तुड़वाने
में
असफल
टीम
लौट
गयी।
थकहार
कर
सुमचला
देवी
बैठी
हैं।
जो
घर - घर में
जाकर
बच्चों
को
पोलियोरोधी
खुराक
पिलाती
हैं।
Alok Kumar
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