गया।
भाजपा सांसद हरि
मांझी का कहना
है कि हमलोग
जनप्रतिनिधि हैं। इस
लिहाज से आने
वाले लोगों को
तो लेटर लिखते
रहते हैं। जो
मीडिया में पैसे
लेने की बात
आ गयी है।
वह टीवी पर
दिखा देने से
थोड़े ही साबित
होती है। कोबरा
वाले अपने आरोप
को साबित करें
नहीं तो हम
उनके खिलाफ कोर्ट
में जाएंगे।
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‘तहलका’
के लोग खुद
ही तहलका के
पात्र बन गये
हैं। तो इस
बीच ‘तहलका’ के
बदले नेताओं को
कोबरा पोस्ट नामक
खोजी बेवसाइट ने
11 सांसद को अपने
खुफिया कैमरे में कैद
कर दिये हैं।
कोबरा पोस्ट का
आरोप है कि
इन सांसदों ने
एक फर्जी ऑस्ट्रेलियन
तेल कंपनी के
पक्ष में सिफारिशी
चिट्ठी लिखने के बदले
50 हजार रुपये से लेकर
50 लाख रुपये तक मांगे,
जबकि उन्हें कंपनी
के बारे में
कुछ भी पता
नहीं था। कंपनी
सरकारी ठेका पाने
के लिए चिट्ठी
चाहती थी। 6 सांसद
तो ऐसे निकले
जिन्होंने पैसे लेकर
बाकायदा सिफारिश चिट्ठी भी
लिख कर दे
दी।
साल
2005 में कोबरा पोस्ट ने
एक ऐसा ही
स्टिंग किया था।
उस स्टिंग ऑपरेशन
में भी 11 सांसद
पैसे लेकर संसद
में सवाल पूछने
के लिए तैयार
हो गए थे।
खुलासे के बाद
उन सभी सांसदों
को तुरंत सस्पेंड
कर दिया गया
था।
जान
ले अपने सांसद
कोः
भारतीय
जनता पार्टी के
गया से लोकसभा
सांसद एक रिक्शा
चालक मस्तान मांझी
के बेटे हैं।गरीबी
और लाचारी के
कारण हरि मांझी
ने कोई खास
पढ़ाई लिखायी नहीं
की। वह मैट्रिक
भी पास नहीं
हैं। वह कम
पढ़े होने की
वजह से अपना
करियर डाकदार की
हैसियत शुरू करने
वाले हरि मांझी
की तकदीर 2005 में
पलटी और वह
बोद्ध गया रिजर्व
सीट से भाजपा
के विधायक बने।
विधायक और एमपी
बनने के बावजूद
हरि मांझी के
परिवार में शिक्षा
का प्रसार अब
भी काफी कम
है। उनके बड़े
बेट 12 वीं कक्षा
भी पास नहीं
कर सके। अभी
सांसद हरि मांझी,218,
नार्थ एवन्यू, नयी
दिल्ली में रहते
हैं।
आलोक
कुमार