90 प्रतिशत
विकलांग तौसीफ आलम कर रहे हैं बीएड
विकलांगों
के बेटरमेंट के लिए किया प्रयास
पटना। आज
विभिन्न जिलों से विकलांग आए और मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के समक्ष प्रदर्शन
किए। हर-हर के विकलांगों को देखा गया। मूक-वधिरों ने इशारा करके समस्याओं को
दिखाने का प्रयास किए। पैर से लाचार लोग व्हील चेयर पर बैठकर चल रहे थे। गोपाल गंज
के निवासी बसरे आलम के पुत्र तौसीफ आलम पर शामिल हुए। 90
प्रतिशत विकलांग हैं। पटना विश्वविद्यालय से बी.ए.उर्त्तीण और दरभंगा
हाउस से एम.ए.उर्त्तीण हुए। फिलवक्त पटना ट्रेनिंग कॉलेज से बी.एड. कर रहे हैं।
बिहार
विकलांग अधिकार मंच के सचिव राकेश कुमार ने 21
सूत्री मांग पत्र तैयार किए हैं। राज्य सभा,
लोक सभा,
विधान सभा,
एवं विधान परिषद में विकलांगों के लिए सीट आरक्षित किया जाए एवं साथ ही
साथ पंचायत एवं वाडों के चुनाव में भी आरक्षण किया जाए। पीडब्ल्यूडी 1995
के संशोधन कानून विकलांग अधिकार अधिनियम,
लोक सभा से अविलम्ब पारित कर देश स्तर पर उसे लागू किया जाए।
देश स्तर पर पर राष्ट्रीय विकलांग आयोग एवं राज्यों में राज्य विकलांग आयोग
स्वतंत्र प्रभार के रूप में अविलम्ब गठन किया जाए। दिल्ली एवं अन्य राज्यों के
आधार पर सभी राज्यों में विकलांग मंत्रालय एवं विभाग गठन किया जाए। देश के सभी
रेलवे स्टेशनों पर विकलांग बोगी के सामने डिस्पेल बोर्ड लगाया जाए तथा प्लेटफार्म
के बीच में ही विकलांग डब्बा लगाया जाए।
देश एवं राज्य स्तर पर विकलांगों के लिए चलाई
जाने वाली योजनाएं रेडियों, अखबार,टी.वी, आदि में उसकी
पात्रता के साथ प्रस्तावित एवं प्रकाशित निरन्तर किया जाए। देश के सभी श्रेणी के
नौकरियों में विकलांगों के क्षमता के अनुसार आरक्षण का प्रावधान किया जाए।
राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर मिलने वाली विकलांग पेंशन को बैंक से जोड़कर एटीएम
कार्ड की सुविधा दिया जाए। देश के सभी विकलांगों को रोजगार नहीं मिलने की स्थिति
में विकलांगता के अनुरूप बेरोजगारी भत्ता दिया जाए। वृद्ध विकलांगों एवं
शत-प्रतिशत विकलांगों के साथ उनके परिजन को भी विकलांग गुजारा भत्ता दिया जाए।
सभी राज्य
के राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय बेरोजगार, विकलांग खिलाड़ियों को मेडल लाओ और नौकरी पाओ के तहत नियुक्ति किया जाए।
सभी खेल संद्यों में विकलांग खिलाड़ियों को 1/3 के अनुपात में रखा जाए। 1995 से 2014 तक केन्द्र एवं राज्य के सरकारों में बचे बैकलॉग को अविलम्ब
प्रकाशित कर विशेष भर्त्ती अभियान के तहत नियुक्ति का विज्ञापन निकाला जाए। सभी
राज्य में बाधामुक्त स्टेडियम सह विकलांग खेल प्रशिक्षण केन्द्र का प्रावधान किया
जाए।
विकलांग
प्रमाण पत्र से ही रेलवे द्वारा विकलांग आरक्षण टिकट दिया जाए। विकलांग प्रमाण
पत्र निर्गत करने वाली प्रक्रिया को सरल बनाया जाए तथा इसमें किसी प्रकार के
दस्तावेज की मांग नहीं किया जाए। साथी ही 40
प्रतिशत से कम विकलांग व्यक्तियों को भी विकलांगता की श्रेणी की सुविधा
दी जाए। देश के सभी सरकारी एवं निजी शिक्षण संस्थानों को बाधामुक्त किया जाए।
विकलांगजनों को आत्म निर्भर बनाने हेतु केन्द्र एवं राज्य सरकार के माध्यम से चलाए
जा रहे लाभकारी कार्यक्रमों/योजनाओं से संबंधित विशेष मार्गदर्शिका आमजनों में
उपलब्ध कराई जाए। विकलांगों के लिए आरक्षण की सीमा को बढ़ाकर 3
प्रतिशत से 10
प्रतिशत किया
जाए। अधिनियम के आलोक में विकलांगों को निःशुल्क मकान या पुनर्वास हेतु जमीन
उपलब्ध कराया जाए। अन्त में देश के सभी विकलांगों को प्राथमिक शिक्षा,
उच्च शिक्षा,
टेकनिकल शिक्षा
एवं वोकेशनल शिक्षा निःशुल्क दिया जाए।
आलोक
कुमार
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