2 अक्टूबर
के पहले तक
मेट नियुक्त करके
इनकी ट्रेनिंग दिला
दें: विभागीय सचिव
जहानाबाद
जिले में महिला
मेट बनाने में
लिया एनजीओ का
सहयोग

2 अक्टूबर के पहले तक सरकार ने लक्ष्मण रेखा तय कर दीः
बिहार
सरकार के ग्रामीण
विकास के विभागीय
सचिव अमृत लाल
मीणा ने मनरेगा
के बेहतर क्रियान्वयन
के लिए छह
महीने पहले ही
सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों
को मेट रखने
का निर्देश दिया
था। परंतु इस
काम में कार्यक्रम
पदाधिकारी रूचि नहीं
लिये और समयावधि
में कदम ही
उठाए। ले रहे
हैं। अधिकतर पंचायतों
में मेट का
चयन नहीं हुआ
है। 2 अक्टूबर के
पहले तक इन्हें
नियुक्त करके इनकी
ट्रेनिंग दिला दें।
पंचायत रोजगार सेवक काम
देने में लापरवाही
करते हैं। इसे
हर हाल में
बदल दें।
जहानाबाद में साक्षर राज्य केरल की तर्ज पर महिला मेट बनाने का प्रयासः
सरकार
के द्वारा मरते
मनरेगा को बचाने
के लिए एक
लाख मेट की
नियुक्ति की जा
रही है। वहीं
जहानाबाद जिले में
एनजीओ प्रगति ग्रामीण
विकास समिति के
सहयोग से महिला
मेट बनाने का
प्रयास चल रहा
है। इसका 2 अक्टूबर
से विधिवत शुरूआत
कर दी जाएगी।
अभी कार्यकर्ताओं का
चयन कर लिया
गया है। इनको
एरिया भी दिया
गया है। कोई
10 महिला मेट का
चयन कर लिये
हैं।
आखिर मेट क्या करेंगे?
गैर
सरकारी संस्था प्रगति ग्रामीण
विकास समिति के
सचिव प्रदीप प्रियदर्शी
कहते है कि
मनरेगा में नियुक्त
मेट पर्यवेक्षक का
कार्य करेंगे। वहीं
जहानाबाद जिले में
महिला मेट का
कार्य संतोषजनक रहा
तो इसे अन्य
जिलों में प्रसार
किया जाएगा। इस
कार्य में पुअरेस्ट
एरिया सिविल सोसायटी
पैक्स की अहम
भूमिका है। इसने
जहानाबाद जिले के
निवर्तमान जिलाधिकारी डी बालामुरूगन
से एडवोकेसी करके
महिला मेट बनाने
का प्रस्ताव लागू
करवाने का प्रयास
किया था। अभी
डी बालामुरूगन गया
जिले में पदस्थापित
हैं।
आधी आबादी के प्रति सरकार सजगः
आधी
आबादी के प्रति
सरकार सजग है।
महिलाओं का सशक्तिकरण
करने की दिषा
में मुख्यमंत्री नीतीश
कुमार प्रत्यनशील हैं।
सत्ता में 15 सालों
तक जमे रहने
वाले लालू-राबड़ी
सरकार को उखाड़कर
फेंक देने के
बाद सत्ता में
आने के बाद
महिलाओं को रसोइघर
से बाहर निकालने
का क्रांतिकारी कदम
उठाया। त्रिस्तरीय ग्राम पंचायत
में 50 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं
को दिया। इसके
कारण महिलाएं जन
प्रतिनिधि बनने में
सफल हो गयीं।
कलतक घर संभालने
वाली महिलाएं पंचायत
संभालने लगी हैं।
अब जहानाबाद जिले
में मनरेगा में
आधी आबादी को
मनरेगा मेट बनाने
की कवायद तेज
कर दी गयी
है। अभी तक
कार्यक्रम पदाधिकारी व रोजगार
सेवक के मनमर्जी
के कारण मनरेगा
में मनरेगा मेट
पर पुरूषों का
ही दबदबा कायम
कर दिया गया
है। अब मनरेगा
में पुरूष मनरेगा
मेट का दबदबा
खत्म करके का
सरकारी स्तर पर
प्रयास होने लगा
है।
आलोक कुमार