Monday, 14 September 2015

विदेशी मनी से निर्मित चर्च को देशी मनी से होगा जीणोद्धार

65 साल पुराना है बेतिया का चर्च

63 लाख रूपए से होगा  पुनरूद्धार
बेतिया। पटना महाधर्मप्रांत को विभक्त कर बेतिया धर्मप्रांत बना है। बेतिया में अवस्थित चर्च का निर्माण 1950 में हुआ। इस चर्च में धार्मिक संस्कार ग्रहण करने वाले मसीही माता कलीसिया की सेवा करके पटना महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष तक का सफर तय करने में सफल हुए। अव्वल महरूम बी. जे. ओस्ता, महाधर्माध्यक्ष, पटना महाधर्मप्रांत थे। यहां के निवासी विश्व स्तर पर छा गए हैं।

बेतिया धर्मप्रांत के प्रशासक फादर लौरेंस पास्कल,ये.स.ने अपने पत्र में कहा है कि 65 साल पुराना है बेतिया चर्च। इसके आलोक में जीर्णोद्धार की जरूरत है चर्च का। वाटर प्रुफ चर्च बनाना है। आधुनिक ध्वनि विस्तारण यंत्र और बिजली को व्यवस्थित करना है।कुल मिलाकर चर्च में कुछ नया कर देना है।

इस तरह के धार्मिक और प्रगतिदायक कार्य में कोई 63 लाख रू.की अनुमानित लागत है। बेतिया धर्मप्रांत के प्रशासक ने कैथोलिक समुदाय से अपील की है कि उदारतापूर्वक दान दें। आप बेतिया पैरिश सोसायटी ए/सी नं.12310100011658 बैंक ऑफ बरौडा,बेतिया आईएफएससी कोडः बीएआरबीओबेतिया में कैश अथवा चेक भेज सकते हैं।

बताते चले कि बेतियान्वी पैरिश में स्थित संसाधनों का बखूबी उपयोग करते हैं। के.आर.हाई स्कूल है। संत टेरेशा हाई स्कूल है। संत टेरेशा टीचर ट्रेनिंग सेन्टर है। यहां के लोग टीचर ट्रेनिंग सेन्टर में ट्रेनिंग लेते हैं। यहां से उर्त्तीण होकर सरकारी शिक्षक बन जाते हैं। इसके बल पर आर्थिक तंगी दूर हो गयी है। कहने का मतलब है कि जिस पैरिश में संसाधन है। उससे अव्वल फायदा लोकल को ही मिलना चाहिए। उनको ट्रेनिंग और नौकरी में प्राथमिकता। यहां के स्कूल में बच्चों का दाखिला और उसी स्कूल से परित्याग पत्र लेकर निकलने की व्यवस्था करनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो ईसाइयों को अधिकार नहीं देने वालों से अधिकार छीन लेना चाहिए। अव्वल प्रदेश के लोगों को अधिकार देना चाहिए। इसके बाद प्रदेश के बाहर वालों की ओर ध्यान देना चाहिए। तब न लोकल लोग चंदा दे सकेंगे।

आलोक कुमार


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