पटना। धीरे-धीरे राजधानी पत्थर बनता चला जा रहा है। इसका नजारा देखा जा सकता है। एल0सी0टी0घाट के आसपास का दृश्य है। जो मिट्टी से कोसों दूर है।पेड़-पोधा भी नजर नहीं आ रहे हैं। इस ओर सरकार और पर्यावरण प्रिय संस्था खामोश हैं।
आलोक कुमार
मखदुमपुर बगीचा,दीघा घाट,पटना।
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