मुख्यमंत्री का दर्शनाभिलाषी हैं लगनी देवी
बहन के दामाद के चाचा हैं मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी

आज उसी राह पर लगनी देवी अग्रसारित है। भगवान राम को तो नहीं वरण धरती के भाग्य विधाता बन गए बिहार के मुख्यमंत्री को देखने की अभिलाषा पाल रखी हैं। वह भी 102 साल की लगनी देवी ने। गत साल 101 साल की अवस्था में मौका मिला। चिरैयाटाड़ मुसहरी में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को 15 अगस्त ,2013 को झंडोत्तोलन करने का कार्यक्रम था। इसको लेकर सारी तैयारी युद्धस्तर पर की जा रही थी। बद से बदतर मुसहरी को बेहतर से बेहतर बनाने का प्रयास किया गया।
पटना जिले के निवर्तमान डीएम डॉ . एन सरवन कुमार ने खुद मोर्चा संभाल लिए। अगर और मगर के खेल में 15 अगस्त ,2013 को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार झंडोत्तोलन नहीं करने आए। निकट के ही मुसहरी रोनिया में चले गए। इस तरह लगनी देवी को जोरदार धक्का लगा। किसी मुख्यमंत्री को देखनेे का सपना तार - तार होकर बिखड़ गया।
इस बार लगनी देवी की बहन जाशो देवी का दामाद दिनेश मांझी के चाचा जीतन राम मांझी मुख्यमंत्री बने हैं। बिहार के मुख्यमंत्री से रिश्तेदारी भी बन गयी हैं। लगनी देवी की चाहत है कि वह किसी तरह से भी किसी मुख्यमंत्री को देख सके।
इस मुसहरी में रहने वाले मच्छु मांझी के संग लगनी की शादी हुई हैं। इन दोनों से 3 बेटी और 2 बेटा हुआ। इस समय लगनी देवी के पतिदेव मच्छु मांझी नहीं हैं। उनका निधन हो गया है। इस विधवा को लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिल रहा है। उनको दुख है कि पेंशन की राशि बहुत है। वह भी प्रत्येक माह नहीं मिलता है। इस मंहगाई के समय में राशि में बढ़ोतरी कर देनी चाहिए।
अभी बेटी पर लगनी देवी निर्भर हैं। वहीं दो जून की रोटी देती है। समस्याओं के गर्भ से चिरैयाटाड़ मुसहरी निकली है। सरकार के द्वारा बुनियादी आवश्यकताओं को पूर्ति कर देना चाहिए। रोटी , कपड़ा , मकान , पानी , स्वास्थ्य , रोजगार और सम्मान की व्यवस्था करनी चाहिए।
अन्त में भगवान राम ने माता शबरी को दर्शन देकर माता शबरी को धन्य कर दिए। अब सवाल उठता है कि क्या बिहार के मुख्यमंत्री लगनी देवी को दर्शन देने आएंगे ?
Alok Kumar
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